INTERNET क्या है और INTERNET कैसे काम करता है ?

- May 17, 2019
आजकल science अपने technology के कदम इतनी तेजी से बढ़ा रहा है, कि हर दिन बनने वाले नए-नए  gadgets,machine software और बहुत प्रकार की चीजो से हम रूबरू ही नहीं हो पाते हैं आविष्कारो की बात करूँ तो दुनिया में अनगिनत Inventions है.जिनका ज़िक्र मैं यहाँ नहीं कर सकता मगर आज की तारिख में देखे तो internet दुनिया के सबसे बड़े अविष्कारों में से एक है।अगर मैं यह कहूँ की अब इन्टनेट एक दुनिया ही बन चुकी है तो शायद गलत नहीं होगा।

जहाँ एक आम इंसान की सोच तक नहीं पहुँच सकती वहाँ science ने  अपने कदम पंहुचा कर ये सबित कर दिया कि इंसान के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं,every thing is possible for us and we can do.तो चलिए जानते हैं अब इन्टरनेट के बारे में।

What is Internet

internet
इन्टरनेट क्या है | what is internet

इन्टरनेट का मतलब है इंटरनेशनल नेटवर्क । यह दुनियां का सबसे बड़ा नेटवर्क है जो दुनिया के कंप्यूटरो को वेब सर्वर (web server) और राउटर (router) के माध्यम से आपस में जोड़ कर रखता है ।राऊटर वह उपकरण है जो एक computer से दुसरे computer को TCP/IP के जरिये कोई भी सूचना आदान-प्रदान कराता है ।जो भी कंप्यूटर  यूजर इन्टरनेट पर login करते हैं वे एक दुसरे के साथ data(text,images,audio,video)को आदान प्रदान कर सकते हैं ।यह सब TCP/IP के माध्यम से ही होता है। IP address के बारे में जाने

इसकी शुरुवात कैसे हुई | how was Internet started

इन्टरनेट की शुरुवात सबसे पहले 1970 में Vinton Gray Cerf और Bob kanh के द्वारा की गयी थी और इनको father of internet भी कहा जाता है।इन्होने आपस में मिलकर ऐसा अविष्कार करने की कोशिश की जिस से कोई भी डाटा एक computer से दूसरे computer में भेजा जा सके और वह इस में सफल भी हुए और एक ऐसा नेटवर्क बनाया जिस से वह डाटा आदान प्रदान कर पा रहे थे। पहले इसका उपयोग सैन्य सम्बंधित कार्यो के लिए DOD (डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स) ही किया गया लेकिन बाद में 1980 में ARPN (एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट इन एजेंसी ) द्वारा इस नेटवर्क को सरकारी और कुछ बड़ी निजी सस्थाओ के लिए भी सार्वजनिक किया गया और धीरे धीरे इसका प्रचालन बढ़ता गया और उसके बाद Timothy John Berners-Lee ने 1990 में www (world wide web) जो की एक यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर (Uniform Resource Locators) है का आविष्कार कर दिया जिसको पूरी दुनिया में उपयोग किया जाने लगा और आज भी करते हैं ।और बस इसके 5 साल बाद ही यानी 14 August 1995 को VSNL (विदेश संचार निगम लिमिटेड ) द्वारा भारत की जनता के लिए भी सार्वजनिक कर दिया गया  गया ।

Internet कैसे काम करता है | how it works

जो भी कोई इनफार्मेशन इन्टरनेट को इन्टरनेट पर सर्च  करते हैं तो आपका computer आपको इन्टरनेट provide करने वाली company के server से कनेक्ट हो जाता है जिसको हम ISP (Internet service provider) कहते हैं और एक  nternet sevice provider को हर किसी के browser(google chrom  firefox etc.) से जो भी रिक्वेस्ट मिलती है वह server आपको भेज देता है और router की मदद से आप तक आपकी इनफार्मेशन पहुचा दी जाती है । एक internet sevice provider के server से काफी browser कनेक्ट होते हैं।

यदि आपको इन्टरनेट provide कराने वाली कंपनी के ISP  के पास वह सुचना नहीं होती है तो वह server आस पास के बाकी सर्वरों से कनेक्ट हो जाता है और फिर वहाँ से information collect करते आप तक पंहुचाता  है ।

इन्टरनेट का मालिक कौन है |who owns internet

अब बहुत से लोगो का यह सवाल होता है की इन्टनेट का मालिक कौन होगा ?
इन्टरनेट कहाँ से आता है ?
डाटा provide कराने वाली कंपनिया (airtel .Idea .vodafone ,den) ये सब कहाँ से इन्टरनेट provide करवाती हैं ?
तो आपके इस सावाल को भी मैं यही खत्म कर देना चाहूँगा ।

actually होता क्या है की इन्टरनेट को tier में बांटा गया है जैसे Tier 1,Tier 2,Tier 3,Tier 4 में और यही से से define होता है की इन्टरनेट को provide कराने में किसकी कितनी भागीदारी है ।

example के लिए मैं आपको बता देता हूँ की आप अभी मेरी वेबसाइट पर ये पोस्ट पढ़ रहे हैं जो की go daddy के server से connected है जो कि Scottsdale, Arizona, United States  में स्थित है और यहाँ मैं DEN company का इन्टरनेट use कर रहा हूँ तो कही न कही तो ये physically कनेक्ट होने ही चाहिए तो आखिर ये फंडा है क्या बताता हूँ

Tier 1 ये वो कंपनियां (AT&T,Level 3,verizon NTT,DOCOMO)होती है जिन्होंने समुद्र में अपना बहुत पैसा खर्च कर के डाटा को आदान-प्रदान करने के लिए केबल बिछा रखी हैं और अंतरास्ट्रीय स्तर(international level) पर एक  देश को दूसरे देश के साथ इन्टरनेट से जोड़ के रखा है ।और यह कंपनिया किसी को भी पैसे नहीं देती और न ही किसी से डाटा खरीदती हैं ।
 Tier 2 अब Tier 2 level की कंपनिया (airtel .Idea .vodafone,jio )जो देश भर में इन्टरनेट की सेवा प्रदान कर रही हैं ,होती हैं जो सिर्फ रास्ट्रीय स्तर(national level) तक सीमित होती है और इन कम्पनियों को tier 1 कंपनियों से डाटा खरीदना पड़ता है ।
tier 3  यह वो कंपनीयां होती है जो लोकल एरिया में ही इन्टरनेट plan provide करवाती है जो city level तक internet provide करवाती हैं और इनको Tier 2 वाली कम्पनियों को पैसा देना पड़ता हैं ।
तो उम्मीद करता हूँ आपको इन्टरनेट क्या है (what is internet) के बारे में  जानकारी मिल गयी होगी कोई भी क्वेश्चन हो तो comment में जरूर पूछें ।
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